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Cheque Book K Baare Me Jaankari

Cheque book kya hai हमारे जिन्दगी में पैसे की लेन देन हमेशा होता रहता है , कभी cash तो कभी बिना cash ऐसे में अगर हाथोहाथ पैसा देने के लिए कहा जाये तो लोग हमेशा अपने साथ पैसा रखता नही है तो फिर कैसे कोई सामान का लेन देन करेगा ? तो बाद में cashless system निकाला गया और उसी के लिए चेक बुक  का  सिस्टम आया, तो आईये इस पोस्ट में समझते है की ये चेक बुक क्या होती है  Cheque book kya hai चैकबुक एक तरह का document है मतलब की एक paper है जिसपर कुछ चीजे प्रिंट रहती है और जो लोग पैसा देगा वो अपनी सारी details भरते है और जिनको पैसा देना है उनकी जानकारी भी भारी जाती है फिर वो पेपर ये प्र्रोफ करता है की देने वाला अपने बैंक के माध्यम से (बैंक का मतलब ऐसी संस्थान जो finance का काम करती है ) जिसको पैसा देना है उसको देना चाहता है और फिर वो आदमी  चैकबुक  ले कर उसी बैंक में जाता है और अपना पैसा बैंक से ले लेता है | आपको मै एक  उदारण   दे कर समझाऊंगा ताकि आपको पूरी जानकारी मिल सके | मान लीजिये की मै आपको पैसा देना चाहता हु लेकिन cash में नही दे ...

एटीएम कार्ड दुर्घटना बीमा

*एटीएम कार्ड दुर्घटना बीमा * Narender Bisht , ATM ENGINEER (2009 से - अभी तक) शहर से लेकर गांवों तक बहुत कम लोग ऐसे बचे हैं जो एटीएम का इस्तेमाल ना करते हों लेकिन बड़ी संख्या में लोग एटीएम के दुर्घटना स्कीम के बारे में नहीं जानते. ज्यादातर लोग एटीएम कार्ड का इस्तेमाल करते हैं लेकिन एटीएम का एक और फायदा आपको पता ही नहीं है और ये जानकारी आपके बेहद काम की है. क्या है काम की जानकारी? यदि किसी भी सरकारी या गैर सरकारी बैंक का एटीएम आपके पास है तो आपका उस बैंक में अपने आप ही दुर्घटना बीमा हो गया है. ये बीमा 25,000 रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक का होता है. इस योजना को शुरु हुई कई साल हो गए हैं लेकिन 90-95 फीसदी लोगों को इस बात की जानकारी ही नहीं है क्योंकि बैंक कभी खुद ये जानकारी ग्राहकों को नहीं देते. दुर्घटना बीमा की ये प्रक्रिया क्या है और मुआवजा कैसे मिलता है वो जान लीजिए. स्कीम के मुताबिक अगर किसी एटीएम धारक की दुर्घटना में मौत हो जाती है तो उसके परिवार के सदस्य को 2 महीने से लेकर 5 महीने के भीतर बैंक की उस ब्रांच में जाना होगा जहां उस शख्स का खाता था और ...

सिम स्‍वैप फ्रॉड से सिम कैसे बचाएं?

सिम स्‍वैप फ्रॉड  इस तरह के मामलों में किसी शख़्स के सिम कार्ड को ब्लॉक करने की रिक्वेस्ट डाली जाती है। जैसे ही सीम  कार्ड ब्लाॅक होता है तो धोखाधड़ी करने के लिए नई सिम के ज़रिये किसी लेन-देन के लिए वन टाइम पासवर्ड (OTP) की रिक्वेस्ट डाल दी जाती है। फिर जैसे ही ओटीपी आता है, उसकी मदद से एक खाते से अन्य खातों में पैसा ट्रांसफर करने जैसे लेन-देन किए जाते हैं। इन दिनों ज़्यादातर लेन-देन ऑनलाइन या फिर डिजिटल माध्यम से होता है। चूंकि लोगों की अधिकतर जानकारियां ऑनलाइन उपलब्ध होती हैं। ऐसे में धोखाधड़ी करने वाले लोग इसका फायदा उठाते हैं और सिम स्वॉपिंग के माध्यम से ठगी करते हैं। अपनी पर्सनल इनफार्मेशन किसी भी अनजान वियक्ति को न दे ।। जो लोग इस तरह के अपराधों के शिकार होते हैं, वे पढ़े-लिखे होते हैं लेकिन सुरक्षा को लेकर वो सजग नहीं होते। ऐसे में इसका खामियाजा भी उन्हें भुगतना पड़ता है। अलग-अलग तरह के मीडिया, सोशल मीडिया के ज़रिये पहले तो आप पर नज़र रखी जाती है और आपकी जानकारियां जुटाई जाती हैं। कई बार आपको किसी अनजान नंबर से कॉल आती है और जानकारी ली जाती हैं। * कई ब...